नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के कारण त्रिशूली-3 ‘ए’ जलविद्युत परियोजना की सुरंग के अंदर फंसे लोगों में से दो व्यक्तियों को आज 9 दिन बाद जिंदा बचा लिया गया है। नेपाली सेना के तरफ से बताया गया है कि सुरंग के अंदर से दो व्यक्तियों को जीवित अवस्था में बाहर निकाला गया है। नेपाली सेना ने बताया कि आज सुबह ही खोज एवं बचाव अभियान के दौरान सुरंग के अंदर से किसी व्यक्ति की आवाज सुनाई देने का संकेत मिला था। इसके बाद सुरंग के भीतर फंसे लोगों की तलाश तेज कर दी गई थी। बचाए गए एक व्यक्ति का नाम संजय साह है, जो नेपाल के सप्तरी का निवासी है और वह त्रिशूली हाइड्रोपावर में मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में कार्यरत था। इसी तरह दूसरे जीवित व्यक्ति की पहचान कबीर महर्जन के रूप में हुई है, जो इसी हाइड्रोपावर में सुपरवाइजर के रूप में काम करता था।
नेपाल में अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, बचाव कर्मियों द्वारा प्रभावित इलाकों से और शव बरामद किए जाने के बाद, पिछले हफ्ते नेपाल में आई अचानक बाढ़ से मरने वालों की संख्या कम से कम 1,282 हो गई है। हालांकि इमरजेंसी टीमों ने 12,000 से ज़्यादा लोगों को बचाया है, लेकिन खोज और बचाव अभियान जारी रहने के बीच लगभग 5,000 लोग अभी भी लापता हैं।
DNA प्रोफाइल बनवा सकते हैं पीड़ितों के परिजन
इस बीच भारत की तरफ से विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा है कि नेपाल में बाढ़ पीड़ितों के शवों की पहचान आसान बनाने के लिए, केंद्र सरकार भारत में उनके करीबी खून के रिश्तेदारों की DNA प्रोफाइलिंग के लिए केंद्रीय और राज्य-स्तरीय फोरेंसिक लैब की सुविधा उपलब्ध कराएगी। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत में रहने वाले करीबी खून के रिश्तेदार - जैसे पिता, माता, बेटा, बेटी या भाई-बहन - सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरीज (CFSLs), स्टेट फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरीज (SFSLs), नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) की लैब और DNA प्रोफाइलिंग की क्षमता वाली NABL-मान्यता प्राप्त लैब में अपने बायोलॉजिकल सैंपल दे सकते हैं और DNA प्रोफाइल बनवा सकते हैं।
विदेश मंत्रालय ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
विदेश मंत्रालय ने उन सरकारी फोरेंसिक साइंस लैब की सूची भी साझा की है, जिनमें DNA प्रोफाइलिंग की सुविधा है। बयान में कहा गया, "नेपाल पुलिस की सलाह के अनुसार, पहचान के मकसद से ऑटोसोमल STR DNA प्रोफाइलिंग की जा सकती है, बशर्ते नेपाली अधिकारियों द्वारा बताई गई तकनीकी जरूरतों को पूरा किया जाए। इस संबंध में हेल्पलाइन नंबर +977 9841 6160 95 है।"
बयान में कहा गया है कि एक बार DNA प्रोफाइल तैयार हो जाने के बाद, उन्हें नेपाली अधिकारियों द्वारा मांगी गई शुरुआती जानकारी के साथ ईमेल- dnacodis@nepalpolice.gov.np पर भेजा जा सकता है, ताकि अज्ञात शवों से मिले DNA प्रोफाइल के साथ उनका मिलान किया जा सके। इसमें कहा गया है कि काठमांडू में भारतीय दूतावास से मदद और तालमेल के लिए DNA प्रोफ़ाइल की एक कॉपी eoikathmandufloodsupport@gmail.com पर भी भेजी जा सकती है। (इनपुट- गणेश सरकार)
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